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पात्रों को दरकिनार करने पर पंचायत सचिव निलंबित

Shri Ramjanki Times/Santosh Awasthi

उन्नाव। शौचालय सूची में पात्रों को दरकिनार करने वाले फतेहपुर चौरासी के राजेपुर गांव के पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। ग्राम पंचायतों में बिना टेंडर के काम कराने की शिकायतों पर जांच टीम गठित कर दी गई है। राजेपुर में 20 नवंबर को डीएम रवींद्र कुमार ने जन चौपाल लगाई थी। इसमें काफी संख्या में ग्रामीणों ने शौचालय न मिलने की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि सचिव ने सर्वे में उन लोगों का नाम शामिल नहीं किया। डीएम ने डीपीआरओ को जांच कराने के आदेश दिए थे।


 डीपीआरओ निरीश कुमार साहू ने मामले की जांच एडीओ पंचायत को सौंपी। एडीओ ने गांव जाकर पड़ताल की तो पता चला कि 62 ग्रामीण ऐसे हैं जो पात्र हैं लेकिन इसके बाद भी शौचालय के लिए हुए सर्वे सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। शासनादेश को ताक पर रखकर हो रहे विकास कायोंर् पर सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने कड़ा रुख अपनाया है। एक लाख से अधिक की लागत वाले कायोेंर् में टेंडर प्र्त्रिरया का पालन न किए जाने की शिकायतों पर जांच के लिए सीडीओ ने चार सदस्यीय समिति गठित की है। टीम में परियोजना निदेशक डीआरडीए, अधिशाषी अभियंता आरईएस, जिला पंचायतराज अधिकारी व पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता हैं। कहा गया है कि वह रैंडम आधार पर प्रत्येक विकास खंड की 10-10 ग्राम पंचायतों की पत्रावली मंगाकर गांव में कराए जा रहे कायोंर् की टेंडर प्र्त्रिरया की संयुक्त जांच कर जल्द रिपोर्ट दें। सीडीओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर शासनादेश का पालन होता नहीं मिला तो कार्रवाई की जाएगी।


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