#UNNAO_NEWS : गौशाले से गायब हो गए गोवंश, पीडी की जांच में हुआ खुलासा
श्री रामजानकी टाइम्स
उन्नाव। सीडीओ के निर्देश पर गौशाला का निरीक्षण करने पहुंचे पीडी को मौके पर 41 गौवंशीय कम मिले। गौवंशीय कहा गया इसकी जानकारी जब मौके पर मौजूद केयर टेकर से ली गई तो वह जवाब नहीं दे पाया। चार महीने में गौशाला से 41 गौवंशीय गायब हो गए और इनकी देखरेख के लिए लगाए गए अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह देखकर पीडी भी दंग रह गए। अब पीडी ने सीडीओ को जांच रिर्पोट भेजी है।
किसानों को अन्ना मवेशियों से राहत दिलाने तथा गौसंरक्षण के लिए सरकार ने स्थाई गौशालाओं के साथ ही ग्राम पंचायतों में अस्थाई गौशालाएं बनवाई है। गौशलाओं में आसपास के गांवों के अन्ना मवेशियों को संरक्षित किया जाता है। इसके लिए सरकार चारा, पानी की व्यवस्था के लिए भी धन आवंटित करती है। इनकी देखरेख का जिम्मा ग्राम पंचायतों को दिया गया है। मगर गौसंरक्षण के नाम पर कर्मी खूब खेल कर रहे हैं।
इसका खुलास पीडी के निरीक्षण में हुआ। पीडी डीआरडीए यशवंत सिंह ने शनिवार को मियागंज ब्लाक की मांखी ग्राम पंचायत के भवानी खेड़ा में बनी गौशाला का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गौशाला में केवल 14 गौवंशीय मिले। जबकि 24 जून 2021 को संयुक्त निदेश पशुधन के निरीक्षण के समय इसी गौशाला में 55 गौवंशीय थे।
पीडी ने सोचा कि शायद गौवंश किसानों के सुपुर्द किए गए होंगे मगर जांच में पाया कि यहां पिछले 2 वर्ष से एक भी गौवंश किसानों के सुपुर्द नहीं किया गया है। पीडी ने केयर टेकर से पूछा कि बाकी गौवंशीय कहा गए तो वह जवाब नहीं दे पाया। यहां चारा रखने के लिए बनाए गए स्टोर रुम में चारा नहीं था। निरीक्षण पंजिका देखे तो पता चला कि पिछले वर्ष नवंबर माह में नोडल अधिकारी ने निरीक्षण किया था । उसके बाद यहां कोई निरीक्षण करने ही नहीं आया। इसके अलावा आसपास सड़कों तथा खेतों में अन्ना मवेशियों को झुंड दिखाई पड़ा। पीडी ने जांच की रिर्पोट बनाकर सीडीओ को भेजी है।
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