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जालौन में स्थायी लोक अदालत की पूर्ण पीठ का हुआ गठन

 Shri Ramjanki Times

उरई। उत्तर प्रदेश में जालौन जिला मुख्यालय उरई में मंगलवार को स्थायी लोक अदालत की पूर्ण पीठ का गठन होने के साथ कार्य प्रारंभ हो गया।

जनोपयोगी सेवाओं से सम्बन्धित विवादों के निस्तारण के लिए “ विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम ” की धारा- 22बी के अंतर्गत स्थायी लाेकअदालत के अध्यक्ष के रूप में कौशलेन्द्र यादव ने पदभार ग्रहण कर लिया और इसी के साथ जिले में स्थापित स्थायी लोक अदालत की पूर्ण पीठ का गठन हो गया है। श्री यादव ने बताया कि इसकी प्रक्रिया व क्षेत्राधिकारिता के सम्बन्ध में आज नवनियुक्त अध्यक्ष द्वारा पैरालीगल वालंटियर्स को अवगत कराया गया और उन्हें निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने कार्य क्षेत्र में न्याय के उक्त वैकल्पिक मंच की जानकारी वादकारियों व जनसामान्य से साझा करें। इससे जहां एक ओर वादकारियों व जनसामान्य के प्री-लिटिगेशन विवादों का समाधान होगा, वहीं दूसरी ओर पीएलवी के कार्य की गुणवत्ता व स्वीकार्यता में भी वृद्धि होगी।


स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष ने पीएलवी को बताया गया कि स्थाई-लोक अदालत की स्थापना जनोपयोगी सेवाओं जैसे-वायु, सड़क, रेल या जलमार्ग द्वारा यात्रियों या माल के वहन के लिये यातायात सेवा, डाक, तार, टेलीफोन सेवा, विद्युत, प्रकाश या जलप्रदाय, लोकसफाई या स्वच्छता प्रणाली, स्कूल कालेज अथवा शिक्षण संस्थान, आवासीय एवं रियल स्टेट सेवायें, अस्पताल या औषधालय में सेवा अथवा बैकिंग या बीमा सेवा से सम्बन्धित मामलों/विवादों के निस्तारण के लिए की गयी है।


उन्होंने इसकी प्रक्रिया के सम्बन्ध में बताया कि सबसे पहले विवाद को आपसी सुलह के आधार पर सुलझाने का प्रयास किया जाता है और सहमति के बाद (निर्णय) पारित किया जाता है। यदि आपसी सुलह के आधार पर प्रकरण का फैसला नहीं हो पाता है तो स्थायी लोक अदालत द्वारा गुण-दोष के आधार पर निर्णय किया जाता है, जो सिविल न्यायालय की डिक्री की तरह सम्बन्धित पक्षों द्वारा अनिवार्य रूप से पालन कराया जाता है। इसके फैसले के विरुद्ध किसी भी न्यायालय में अपील नहीं हो सकती। इस अदालत में एक करोड़ मूल्यांकन तक के वादों को सुनने का क्षेत्राधिकार है तथा मामले का निस्तारण 90 दिन के अन्दर होता है। जनोपयोगी सेवाओं से सम्बन्धित विवाद के समाधान के लिए शिकायती प्रार्थना-पत्र/वाद प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रार्थना-पत्र में विपक्षियों / विभाग का नाम,पता, मोबाइल नंबर आवश्यक है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव रेनू यादव और पीएलवी उपस्थित रहे।

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