#Unnao_News : अज्ञानी व मुढ़ व्यक्ति भी भगवान की कथा सुन सुधर जाता है, उक्त उद्गार
कुटीबीर बाबा मे चल रही राम कथा के तीसरे दिन बनारस से आए मानस लहरी जी ने कही ।
श्री रामजानकी टाइम्स/अनुज शुक्ला
असोहा। कुटीबीर बाबा मे चल रही रामकथा के तीसरे दिन बनारस से आए मानस लहरी जी ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को कर्म करते रहना चाहिए ,फल की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि वो मनुष्य के बस में नहीं है , रामचरित मानस के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि राजा दसरथ मृत्यु की ओर अग्रसर थे ,भरत जी करुण क्रंदन कर रहे थे तो गुरु वशिष्ठ ने उन्हें समझाते हुए कहा कि हानि, लाभ, जीवन , मरण, कीर्ति, सम्मान , अपमान , अपयश ये सब ईश्वर के हांथ में है इसमें किसी का जोर नहीं है।
उन्होंने ने कहा बिना सत संग के मनुष्य के ज्ञान नहीं उपजता और वो भी भगवन की कृपा के बिना सफलता को भी नहीं प्राप्त करता, इस लिए मनुष्य को जितना हो सके सत कर्मो को करना चाहिए, करते रहना चाहिए क्योकी यही सत क्रम युग युगांतर, वर्ष वरशानतर , कलि कलांतर तक जाएगा। भगवान की प्राप्ति का सबसे सरल उपाय ईश्वर मे रम जाना है।
कथा के तीसरे दिन पूर्व चेयर मैन पुरवा योगेंद्र दुवेदी, अनुराग द्विवेदी श्री राम जानकी टाइम्सः के संपादक,बेलोरा प्रधान उमेश साहू , चन्दनखेड़ा प्रधान भगवान लोधी, असोहा प्रधान देशराज रावत आदि को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर आयोजक संजय शुक्ल ने सम्मानित किया। कथा के दौरान , सुनील पाण्डेय , पीयूष पुँज, चंद्र प्रकाश सोनी , शुशील शुक्ल , त्रिभुवन त्रिपाठी , प्रेम जयसवाल , शैलेंद्र निर्मल , सुनील अवस्थी, रामकरन, सुरेश, मोनू यादव , शिवा अवस्थी सहित सैकड़ों क्षेत्र वासी उपस्थित रहे।
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