Breaking News

ट्रैक्टर ट्राली से बड़ा खेल खेल रहे हैं कोटेदार, मिलकर मलाई खा रहे अधिकारी और ठेकेदार

धुंआ उठा है तो आग जरूर लगी होगी

श्री रामजानकी टाइम्स

मौरावां उन्नाव। जब तक चोर पकड़ा नहीं जाता वह साहूकार ही कहलाता है। लेकिन जब चोर को पकड़ने वाले ही चोर के साथी बन बैठे हों तो फिर चोर को पकड़ेगा कौन। जी हां, राशन की घटतौली से लगाकर सरकारी राशन के बेचने तक के आरोप तो कोटेदार पर लगते रहते हैं। 



    

लेकिन जब गाइडलाइन के विपरीत सरकारी राशन स्वयं कोटेदार के ट्रैक्टर पर लदकर जाते हुए ग्रामीणों ने पकड़ा तो कोटेदार से लगाकर अधिकारी तक सफाई देते हुए नजर आने लगे। मामला मौरावां क्षेत्र के बछौरा ग्राम सभा के कोटेदार बिन्दाप्रसाद का है। सोमवार को ग्रामीणों ने असरेंदा से कालूखेड़ा रोड पर सरकारी राशन को ट्रैक्टर पर लदा जाते देख रोक लिया। और पुलिस को सूचना देकर ट्रैक्टर को थाने में खड़ा करवा दिया। मामले  की छानबीन शुरु हुई तो पुरवा सप्लाई इंस्पेक्टर ने बताया कि मौरावां में तौल कराने के बाद ट्रैक्टर द्वारा सरकारी राशन तिसंधा गांव के कोटेदार के यहां जा रहा था। 

    गजब है सप्लाई इंस्पेक्टर का बयान जब ट्रैक्टर का प्रयोग मना है तो फिर ठेकेदार किस मानक को पूरा करने के लिए कोटेदार का ही ट्रैक्टर सरकारी राशन को पहुंचाने में लगा दिए। सरकार की मंशा में पलीता लगाने का काम आम जनता नहीं बल्कि जिम्मेदार ही कर रहे हैं।  

ठेकेदार की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

सरकारी राशन को कोटेदार के पास तक पहुंचाने की पारदर्शिता पूर्ण प्रक्रिया पर ठेकेदारों की मनमानी व लापरवाही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। किसी को क्या पता कि कौन सा माल कहां जा रहा है। ठेकेदार द्वारा मौरावां धर्मकांटा पर कोटेदार को सरकारी राशन सुपुर्द कर दिया जाता है। फिर कोटेदार उसे अपने यहां ले जाए या फिर उसकी कालाबाजारी कर दे किसी को कोई फक्र नहीं। 

    जबकि ठेकेदार को अपने अधिक्रत वाहन द्वारा कोटेदार के वितरण केन्द्र तक सरकारी राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी है। फिर भी वह अपने काम को अलग ही अंदाज से कर रहे हैं। क्योंकि चर्चा तो यह भी है कि जब सबकी जेब गर्म हो रही है तो फिर क्यों किसी के काम में टोकाटाकी करे।  

कोई टिप्पणी नहीं