जिस रोल नंबर से दी परीक्षा, उसके रिजल्ट में आया दूसरे का नाम
छात्र ने कर लिया सुसाइड, जांच के आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक 12वीं के छात्र के सुसाइड का मामला सामने आया है। आरोप है कि छात्र ने इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षा जिस रोल नंबर से दी थी, उसके रिजल्ट में किसी दूसरी लड़की का नाम आया। विद्यालय में रजिस्ट्रेशन के खेल से आहत छात्र ने सुसाइड कर लिया। घरवालों के कफी तलाश करने के बाद छात्र का शव घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ से लटकता मिला।
इस घटना के लिये विद्यालय प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए परिजनों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। छात्र के पिता का आरोप है कि स्कूल प्रबंधक ने उनके बेटे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से प्रबंधक और स्टाफ विद्यालय पर ताला लगाकर मौके से फरार हैं।
मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम मिठवापुर मजरे बघौरा गांव का है,जहां के निवासी राम नेवल रावत का 17 वर्षीय बेटा जय किशन सफदरगंज के उधौली में स्थित एक विद्यालय में इंटरमीडिएट का छात्र था। राम नेवल का आरोप है कि जय किशन ने जिस रोल नंबर से प्रयोगात्मक परीक्षा दी थी, रिजल्ट घोषित होने पर उस रोल नंबर पर किसी और छात्र का रिजल्ट था। उन्होंने इसकी शिकायत पांच अगस्त को डीआईओएस से करते हुए विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी, लेकिन मामले में कुछ नहीं हुआ।
पिता ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके बेटे से रजिस्ट्रेशन के समय भी सभी प्रमाण-पत्र जमा कराये गए थे।छात्र ने प्रयोगात्मक परीक्षा में भी भाग लिया। मगर, जब रिजल्ट आया है तो उसकी जगह पर किसी छात्रा का नाम दिखा रहा था। छात्र के पिता के मुताबिक 16 अगस्त को छात्र को विद्यालय की तरफ से 3000 रुपये लेकर रिजल्ट ठीक कराने के नाम पर बुलवाया गया था, लेकिन छात्र केवल एक हजार रुपये का ही इंतजाम कर सका। वहीं विद्यालय से शाम को जब जय किशन वापस घर लौटा तो उसने बताया कि विद्यालय में उससे एक हजार रुपये जमा कराकर इंटर का फार्म दोबारा से भराया जा रहा था।
उसके रिजल्ट के बारे में अब कुछ न हो पाने के लिये उससे कहा गया है। छात्र ने बताया कि विद्यालय में उससे कहा गया है कि पिछला जो भी हुआ, उसे भूल जाओ और नये सिरे से फार्म भरकर फिर से दो साल पढ़ाई करो। इसके बाद जय किशन घर से निकल गया और देर शाम एक बाग में उसका शव पेड़ से लटकता मिला। इस मामले में बाराबंकी के डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने पर जांच टीम गठित की गई है, जिसमें वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक और राजकीय हाईस्कूल पूरेडलई के प्रधानाचार्य डॉ. एहरार को जांच दी है।
अधिकारी मौके पर गए थे। मगर विद्यालय में स्टाफ न मिलने के कारण प्रपत्र नहीं मिले। इसी दौरान छात्र ने आत्महत्या कर ली। ऐसे में विद्यालय प्रबंधक को 24 घंटे के अंदर प्रपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर इस अवधि में विद्यालय द्वारा जांच में सहयोग नहीं किया गया तो दोषी मानते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोई टिप्पणी नहीं