लखनऊ। लोहिया संस्थान में सर्वर ठप हो गया। इसकी वजह से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ओपीडी पंजीकरण से लेकर जांच रिपोर्ट लेने में मरीजों जद्दोजहद झेलनी पड़ी। 100 से ज्यादा मरीज बिना इलाज लौट गए।लोहिया संस्थान में ओपीडी पर्चा से लेकर, रिपोर्ट तक ऑनलाइन मरीजों को मुहैया कराई जाती है। सुबह आठ बजे से पंजीकरण शुरू होता है। सर्वर ठप हो गया। इससे ओपीडी पंजीकरण भी ठप हो गया। मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
लाइन ओपीडी ब्लॉक से बाहर तक आ गई। करीब एक घंटे बाद भी जब पंजीकरण नहीं शुरू हुआ तो मरीजों का गुस्सा भड़क उठा। मरीज व तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। हॉस्पिटल ब्लॉक में भारी अव्यवस्था छा गई। हंगामे से वहां अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के निर्देश पर 10 बजे से हाथ से पर्चा बनाने का काम चालू हुआ। तब मरीजों ने राहत की सांस ली। फीस जमा करने और मरीजों की भर्ती को डिस्चार्ज का संकट गहरा गया। पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी की रिपोर्ट लेने वाले बेहाल रहे।
मरीज रिपोर्ट के लिए लाइन में खड़े रहे। पर, उनकी सुनवाई नहीं हुई। कर्मचारियों का कहना है कि बिना बार कोड रिपोर्ट खोजना कठिन है। बलिया से कैंसर का इलाज कराने आए सुधीर को पैथोलॉजी की रिपोर्ट लेनी थी। डॉक्टर ने कीमोथेरेपी की सलाह दी थी। रिपोर्ट के अभाव में मरीज का इलाज प्रभावित रहा। अयोध्या निवासी सुनीता को गुर्दे की बीमारी है। नेफ्रोलॉजी में इलाज चल रहा है। कोरोना की जांच रिपोर्ट अटके से दिक्कत हुई।
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